अध्याय 28

अमेलिया के चेहरे पर हमेशा की तरह वही मुलायम और सलीकेदार मुस्कान थी। मगर जैसे ही उसकी नज़र हमारे कसकर थामे हुए हाथों पर पड़ी—

मैंने साफ देखा, उसकी मुस्कान एक पल में जम गई, और उसकी आँखों में मुश्किल से छिपी जलन और नफ़रत की झलक उभर आई।

मैंने सोचा, जब जेम्स आखिरकार उसका असली चेहरा देख लेगा, तब भी क्या...

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